मनुष्यता.. जीवित रहे, नव वर्ष हे!
मित्रों, आप सभी को नववर्ष-2026 के प्रथम अरुणोदय के शुभ अवसर पर मन हृदय से अपनी सारी शुभकामनाएं संप्रेषित करता हूँ। आप अपनी समस्त इंद्रिय से समस्त सांसारिक च आध्यात्मिक सुख, आनंद पाएं यह विशेष कामना भी करता हूं। आप इन पंक्तियां को पढ़ें और आनंद लें। हे, मेरे 'नव वर्ष'..! प्रिय..! इस साल तुम...! नव वर्ष ही तो, नहीं.. हो...! ध्यान दो, भाई मेरे..! आज तक के... हर पुराने....साल से..., अरे! तुम, बस.., बीस.. ना! "छब्बीस" हो... ! इसलिए, हम सभी, तो.. आदमी हैं, लालची हैं, स्वार्थी हैं, कसीदे.. मिल , पढ़ेंगे ही... तुम्हारे..! पद.. कमल में जो, पड.. रहे इस साल हैं श्री-रोहिणी... नक्षत्र, में । पर, प्रार्थना... है, हे! वर्ष... वर! हृदय.. से, आपके, हर एक 'क्षण' से, बहते.. हुए,; इस काल नद के, पाट* में, बारह महीने। लाज.. रखना..! कम से कम तुम! कम न होना! कभी भी, बीते हुए, पच्चीस.. के बढ़ते "बबल" ...