उतर गहरे!
इतनी बड़ी इस राह ऊपर जिंदगी की सड़क पर चलता हुआ तूं और मैं.. जरूरी तो नहीं है, नेक ही, हर आदमी हमेशा, हर बार ही, हमको मिले..। जो बिना देखे, रंग को बदलते इस रूप को बिन पड़े किसी भरम में सत्य परखे परखने में सफल हो हमे पास कर दे, प्यार कर ले, जिंदगी में। हर कोई तो इस तरह का नहीं होगा, इस जहां में जान लें इसलिए साहस बटोरें अपने में ही माद्दा.. जब कोई हमें ना कहे, बिन गुने असफलता उसकी है ये.. अपनी नहीं हम न हिलें, अंदर कही से विश्वास! अपने पर रखें रास्ता जीत का कायम रखें सद-रास्ते से न हटें। टूटें नहीं उसे माफ़ कर दें, सामना इस नापसंदी का करें विश्वास से, खुशी से, हिम्मत रखें। अन्यथा टूट कर हमें क्या मिलेगा, गांठ कोई, एक मन की कंकरी एक सख्त सी, भीतर कहीं चुभती रहेगी, करकती जिंदगी भर, जिंदगी में। साथ में एक क्षोभ भी पलता हुआ भीतर कहीं उस आदमी के लिए ही रिसता हुआ, कोई घाव सा नुकसान जो अपने लिए। इस लिए य...