गीत गा, गोविंद मन के।
मित्रों! कृष्ण हमारे ईश, उनके कार्य हमारी श्रेष्ठ संपदा और उनके गीत, आनंद! इसी पर ये लाइने आपको समर्पित हैं आप आनंदित हों कामना है। ये शब्द सिद्ध के प्रसाद हैं।
कौन पूछे! कृष्ण से...
वय.. बंध के, संग,
पुष्प! अनुपम!
कहां, कब.. कब..,
और, कितने..?
गोविंद मन, कैसे.. खिले!
यह कौन पूछे! कृष्ण से...!
तारिकाएं!
कैसे....? कह दूं...!
सारिका..! कैसे... कहूं !
हृदय! असमंजस!
बड़ा... है,
प्रभु...! हृदय... की,
अभिसारिका..!
मैं...! किसे.. कह दूं!
इसे, पूछें! कृष्ण से...!
पुष्प की, ही... पंखुरी!
नरमो मुलायम!
मुझको..,
लगीं...: सब,
रंग...!
प्रभु... को, कौन? प्यारा....
अधिक.. था,
किस... पंखुरी का
बता न!
मैं.. ! कैसे... कह दूं।
इसे, पूछें! कृष्ण से... !
जानता हूँ!
कोई,
पुष्प..! थीं,
कोई.., प्रेरणा..! थीं,
अस्त्र.. थीं, कोई.. मंत्रणा थीं,
दायित्व.. थीं अनेकों..
नरकासुरी...,
अबोध! बाला, राजसी..!
सब... मिलाकर, शक्ति... थीं,
हे प्रभो, श्रीकृष्ण.. की।
अष्ट दल का, पुष्प हो,
कोई..! खिला,
बिकच..
कुच ले महकता
संतुष्टि.. देता, श्रीकृष्ण को,
द्वारिका प्रासाद, 'उनसे' था सजा।
कोई! वंश बेलि.. रुक्मिणी!
हरिणिनि..,
हरण! कृत थी,
कोई सत्यभामा! स्वमयांतकी!
पित्रार्पित! सत्राजिती थी,
जांबवती! कोई....
प्रिये,
रीछ! पुत्री जांबवानी,
दान! कृत थीं,
सत्य.. सत्या! भद्र.. भद्रा!
कूल प्रिय! कालिंदी! थी खुद..
सखी थीं, वह मित्रबृंदा!
लक्ष्मणा! शुभ लक्षणा थीं।
आनंद था बस,
बरसता...,
सावन.. था घिरता,
बरसता
प्रभु, मन हृदय में,
बीच इन संग,
द्वारिका के आंगनों में।
पक्ष! प्रभु के, अनंतों... हैं
श्रीकृष्ण...!
हे प्रिय...,
कुछ, अलग हैं, हर किसी से,
आयामी बड़े हैं,
बड़े हैं वो हर, बड़े से।
पितामह भी, नमन करते,
अर्द्धय उनको चक्रवर्ती: युधिष्ठिर!
प्रथम! देते...
कृष्ण हैं वह.. आदमी हैं
पर, अतीन्द्रिय हैं,
ईश हैं, आनंद ही हैं।
सुख भोग उनके...?
क्या कहूं!
किस तरह, के.. हैं,
आनंद हैं, आनंद के,
दुःख के, हृदय... हैं।
बल्लरी, कितनी लपेटे,
स्नेह... की
प्रेम परिभाषा प्रिये!
सच वही हैं!
पूछ लो,
तुम
पास जा उस द्रौपदी से..
पुकार अंतिम, अरदास अंतिम!
कर रही,
व्याकुल हृदय हो
हारने पर, दांव में, श्री
युधिष्ठिर के ध्युत् में।
कृष्ण हैं वे,
पारखी है, मनों के!
आ गीत गाएं मिल सभी, गोविंद मन के।
आ गीत गाएं मिल सभी, गोविंद मन के।
जय प्रकाश मिश्र
(यह रचना श्री देवरहा बाबा को उनकी अभिप्रेरणा में समर्पित है।)
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