टूट कर मैं बिखर जाऊं , उससे पहले!

मित्रों, आज संबंधों में खटास एक आम बात हो गई है। संवाद हीनता, या चुप्पियां इसे और हवा दे देती हैं। प्रायः शुभ शादियों के कुछ दिन बाद ही अशोभनीय स्थिति से हम गुजरते अपनों को भी देखते हैं। इन दुखी हृदय युगल को समर्पित चंद लाइने इस लक्ष्य से, शायद कोई एक, जीवन कही बच जाय, और आप का आनंदवर्धन भी हो।

और.... क्या,  मैं... देख.. लूं! 
और... किससे!  मैं..मिलूं,
बहुत.. सारा, संजो लूं!  
मैं.., मूल्य.. को, 
वश.. में
कर
लूं! 
घेर... में, 
अपने.... मैं, ले... लूं!
संपूर्ण... दुनियां... ही, प्रिये.. 
यह... ख्वाब... लेकर 
जिंदगी,   मैं... जी रहा था। 

सीपियों... को रजत ही, मैं...
समझता.., दौड़ता... 
पीछे.. लगा
था..।

एक... 
परिवर्तन... थी, तूं... !
एक मोड.. थी ! 
सच..! 
कह.. रहा हूँ!  जिंदगी... का,
मिल तुझे...
मैं 
सिमटकर.., 
बाहर से भीतर....
प्रिया! तेरे संग.., हुआ था।

मिल.. के, 
तुमसे, 
बार.. पहली, 
खुश... हुआ था।  

जितना, बटोरा...., 
पा..., 
सका... था, 
रात.. दिन, 
मेहनत 
से 
प्रिय..!
सत्य... है! 
तुझको.... दिया था! 
हाथ में तेरे दिया था।

प्रेम... था, 
वह... 
प्रथम... अपना.. 
सिर.. चढ़ा... था! 

खुश..!   
हुआ.. था, 
दे...., सभी... कुछ !
हाथ.. तेरे..., 
सत्य है.., मैं! खुश.. हुआ था।

आज भी हूँ! मैं वही...
तुम वही.. 
प्रिय! 
क्या है बदला! 
कुछ... तो 
नहीं..!

विश्वास..., 
भी... क्या चीज.. है? 
दिखती.. नहीं है! 
रौंद!  
देती है, हमें..,
ये... 
किस... तरह, 
हिला देती है हमें... जड़ मूल से,
बदल देती, पलट देती.. 
अपनी दुनियां...! देख... कैसे!
कुछ ही क्षनो में। 

आ खड़े..., 
किस.. मोड.. पर हम..
मिल रहे हैं।।।
बस..., जुदा हैं, विश्वास से
एक.. दूसरे.. के।
हम, दूर.. हैं, एक दूसरे से...
किस.. तरह से! 

कुछ बोल दो।
मुंह खोल दो! 
जिंदगी... में, सच... प्रिये! 
एक बार तो, तुम..,! बोल दो...,
बार.. अंतिम....
बिछुडने से, मुझसे.. पहले! 

शायद, जुड़ें.. 
हम...,
कहीं.., कोई रास्ता... हो !  
रास्ता, हम.. दें इसे ! 
सत्य को 
अपनी परिधि.. में
मित्र..!  हम, खिलने.. तो दें।

टूट कर 
मैं बिखर जाऊं... 
उससे... पहले! आ.. बोल लें, 
हम साथ.... 
पिय! 
एक बार फिर.. से।
जगह तो दें, बीच.. अपने..।

कहीं.., कोई रास्ता... हो !  
रास्ता, हम.. दें इसे ! 
आओ.., चलो... बे मन 
सही 
बेवजह ही, 
बैठ... कर, बातें.. करें।
रास्ता, हम.. 
दें इसे ! 

जय प्रकाश मिश्र 


 


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