छोड़ दो, तुम आदतें ये पुरानी

छो..ड़, दो..., आ..दतें....

तुम...

पुरा...नी..  सनम...,

आ.., मिलो..., खु..ल के 

मैं.... हूँ..

दि..वानी... सनम....।


आ.. मिलो... 

मुझ.. से.., प्रि..य! तुम 

प्रया...गों.., की तरह...

सं..गमों.., सी.. हो, अपनी... 

रसा...ई, सनम...,

छो..ड़, दो..., आ..दतें....

तुम...

पुरा...नी.. सनम...।


ए...क, ख्वा...इश है, 

मे...री.., पुरा..नी... सनम

ज..ब, मिलो..., तो..ड़ दो...

पा...ले.. मे...रे, 

वो,  


सा..रे   भ..रम..,

छो..ड़, दो..., आ..दतें....

तुम...

पुरा...नी.. सनम...।


ए..क उल्फत है, दिल.. में

की, ज..ब  तुम.. मिलो...

छो..ड़...,  दो..गे....  

मुफ़..त, की... कमा...ई  सनम..।

छो..ड़, दो..., आ..दतें....

तुम...

पुरा...नी.. सनम...।


आ... मिलो... मुझ...से

छो..ड़ो, ये.. 

सा..रे, मु..काम

का..म ही जिंदगी का, 

नहीं... है, मुकाम... 

बां...ध, लो...  मुझको.. बा..हों में

मेरे! सनम....

छो..ड़, दो..., आ..दतें....

तुम...

पुरा...नी.. सनम...।


आ.. चलें, ती..र्थ व्रत.. की तरफ

हम.. प्रिये! 

आखिरी उम्र की है

चढ़ाई सनम.=

हो... न,  पा...ए, जगत... में

जग हंसाई सनम

रुस...वाई... सनम...

छो..ड़, दो..., आ..दतें....

तुम...

पुरा...नी.. सनम...।



एक ही तरंग में मानसिक देर तक

डूबे रहें ये ध्यान है

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